तप साधन सुखें करना । दो मिलके गीत गाना । बहुत मिलके विद्या शिकना । भावबंदमें बरकस रहेना ॥ १ ॥
दुष्मान देखके तवाई धरना । खुदा मिलके बाट खाना । पांच मिलकर इन्साफ करना । इन्साफकी तो बात बोलना ॥ २ ॥
उस तलेके न्याय करना । गाफल होकर गम खाना । घोडेपर बैठकर उगे जाना । पावमें जोडा तगार रखना ॥ ३ ॥
परावे बेटीपर नजर नहीं रखना । बीरकी कमान न खेचना । एका जनार्दनीं अक्कल वाहाना । सद्गुरु के चरन पकरना ॥ ४ ॥
एकनाथ या भारूडात अक्कल या रूपाने सांगतात. तप साधन सुखें करना , दो मिलके गीत गाना , बहुत मिलके विद्या शिकना , भावबंदमें बरकस रहेना. पुढे दुष्मान देखके तवाई धरना , खुदा मिलके बाट खाना , पांच मिलकर इन्साफ करना , इन्साफकी तो बात बोलना. शेवटी परावे बेटीपर नजर नहीं रखना , बीरकी कमान न खेचना , एका जनार्दनीं अक्कल वाहाना , सद्गुरु के चरन पकरना.
- संत एकनाथ