सफेद कलंदर फकीर ।बाबा सफेद कलंदर फकीर ॥ध्रु॥
काम क्रोध मद मत्सर काटो । उन्मनी ज्याघर बैठ ।
मारो आसन बैठो । त्रिकुटपर करनार जिकीर ॥ १ ॥
अंदर भगवा कियो रे बाबा । जोग जुगत भरपाई ।
अल्लाके नामपर मुहर लगाई । चुकी कलमपर लिखीर ॥ २ ॥
ऎशी फकीरकी थोरी । बाबा जात कूल सब तारी ।
जनार्दनका एक कहत है । साधो सिताराम गुरु पीर ॥ ३ ॥
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एकनाथ या भारूडात फकीर या रूपाने सांगतात. सफेद कलंदर फकीर , बाबा सफेद कलंदर फकीर काम क्रोध मद मत्सर काटो , उन्मनी ज्याघर बैठ , मारो आसन बैठो , त्रिकुटपर करनार जिकीर. पुढे अंदर भगवा कियो रे बाबा , जोग जुगत भरपाई , अल्लाके नामपर मुहर लगाई , चुकी कलमपर लिखीर. शेवटी References : N/A.
- संत एकनाथ