भारूड

अल्ला रखेगा वैसा भी रहेना

एकनाथांचे नानक भारूड.

अल्ला रखेगा वैसा भी रहेना ।
मौला रख्खेगा वैसा भी रहेना ॥ धृ. ॥
कोई दिन सिरपर छतर उडावे ।
कोई दिन सिरपर घडा चढावे ।
कोई दिन तुरंग उपर चढावे ।
कोई दिन पावस खासा चलावे ॥ १ ॥
कोई दिन शक्कर दूध मलिदा ।
कोई दिन अल्ला मारता गदा ।
कोई दिन सेवक हात जोड खडे ।
कोई दिन नजिक न आवे धेडे ॥ २ ॥
कोई दिन राजा बडा अधिकारी ।
एक दिन होय कंगाल भिकारी ।
एका जनार्दनी करत कर तारी ।
गाफल केंव करता मगरूरी ॥ ३ ॥

एकनाथ या भारूडात नानक या रूपाने सांगतात. अल्ला रखेगा वैसा भी रहेना , मौला रख्खेगा वैसा भी रहेना कोई दिन सिरपर छतर उडावे , कोई दिन सिरपर घडा चढावे , कोई दिन तुरंग उपर चढावे , कोई दिन पावस खासा चलावे. पुढे कोई दिन शक्कर दूध मलिदा , कोई दिन अल्ला मारता गदा , कोई दिन सेवक हात जोड खडे , कोई दिन नजिक न आवे धेडे. शेवटी कोई दिन राजा बडा अधिकारी , एक दिन होय कंगाल भिकारी , एका जनार्दनी करत कर तारी , गाफल केंव करता मगरूरी.

- संत एकनाथ